अभिनेता से नेता बने विजय (Vijay) ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी नई सरकार का पहला बड़ा संदेश दिया।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने तीन महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए — घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल और हेल्पलाइन, तथा राज्यव्यापी एंटी-ड्रग मैकेनिज्म।
इसके बाद विजय ने समर्थकों से भरे स्टेडियम में कहा,
“किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि अब सत्ता में आने के बाद हम मनमानी करेंगे। सिर्फ एक ही शक्ति केंद्र होगा, और वह मैं हूं।”
फिल्मी स्टार से मुख्यमंत्री तक का सफर
विजय का शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक कार्यक्रम और फिल्मी माहौल का मिश्रण दिखाई दिया। सुबह से ही स्टेडियम में TVK कार्यकर्ताओं, फिल्म प्रशंसकों और सहयोगी दलों के नेताओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी समारोह में शामिल हुए। अभिनेता त्रिशा और विजय के परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर (Rajendra Vishwanath Arlekar) ने सुबह 10:24 बजे विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पिछली सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने पिछली DMK सरकार पर राज्य को भारी कर्ज में छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करेगी।
विजय ने कहा,
“पिछली सरकार राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गई है।”
मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा पर जोर
नई सरकार की पहली घोषणाओं में घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा शामिल है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा बल और हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की गई।
विजय ने कहा कि उनकी सरकार “पारदर्शी शासन” देगी और जनता के पैसे की लूट नहीं होने देगी।
सहयोगी दलों का मिला समर्थन
TVK गठबंधन को 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिला है। कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML सहित कई दलों ने विजय सरकार को समर्थन दिया।
अब विजय को 13 मई से पहले विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
नई राजनीतिक शुरुआत
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय तक DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन विजय का उदय एक नई राजनीतिक ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है, जिसे युवा मतदाताओं और डिजिटल समर्थकों का बड़ा समर्थन मिला।
अपने भाषण के अंत में विजय ने कहा कि वह राजनीति में जनता का “कर्ज चुकाने” आए हैं और उनकी सरकार “सच्चे धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय” की शुरुआत करेगी।


























