अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिन समझौते के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने समझौते को लेकर आशा जताई और कहा कि यदि समझौता होता है तो इससे दोनों देशों को स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 21 अप्रैल को समाप्त होने वाली युद्धविराम अवधि को बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।
इस बीच, कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस सप्ताह फिर से इस्लामाबाद में वार्ता के लिए मिल सकते हैं। इससे पहले पाकिस्तान में हुई बातचीत बिना किसी अंतिम समझौते के समाप्त हो गई थी।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जिन्होंने पिछली वार्ता का नेतृत्व किया था, ने कहा कि वह अब भी सकारात्मक हैं, हालांकि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इसी दौरान, अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार कई जहाजों को ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने से रोका गया है, जिससे समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है।
इस नाकेबंदी का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है, जहां आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य इस संकट का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
दोनों देशों के बीच वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद भी प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। जहां अमेरिका लंबे समय के लिए परमाणु गतिविधियों पर रोक चाहता है, वहीं ईरान कम अवधि का प्रस्ताव दे रहा है।
हालांकि, बैक-चैनल बातचीत में कुछ प्रगति होने की खबर है और दोनों पक्ष समझौते के विकल्प तलाश रहे हैं। इसके बावजूद लेबनान में जारी संघर्ष के कारण क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है।
ट्रंप ने US-ईरान वार्ता फिर शुरू होने के संकेत दिए, नौसैनिक नाकेबंदी के बीच बढ़ा तनाव























