ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण वार्ता के लिए रूस पहुंचे हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा हुआ है और कई देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है।
रूस पहुंचने पर अराघची ने कहा कि ईरान और रूस के बीच समन्वय मौजूदा हालात में बेहद महत्वपूर्ण है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
पाकिस्तान और ओमान के साथ बातचीत
अराघची ने बताया कि हाल ही में पाकिस्तान और ओमान की उनकी यात्राएं द्विपक्षीय थीं। उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका महत्वपूर्ण रही है, इसलिए वहां के अधिकारियों के साथ नवीनतम स्थिति पर चर्चा आवश्यक थी।
उन्होंने कहा, “पिछली वार्ताओं में कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन अमेरिकी नीतियों और अत्यधिक मांगों के कारण कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका।”
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर फोकस
ओमान के अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान अराघची ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के महत्व पर जोर दिया। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
उन्होंने कहा कि ईरान और ओमान, दोनों तटीय देश होने के नाते, इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे।
पृष्ठभूमि: बढ़ता तनाव और संघर्षविराम
यह कूटनीतिक गतिविधियां उस समय हो रही हैं जब इस साल अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बढ़ा था। अप्रैल में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक अस्थायी संघर्षविराम लागू हुआ, लेकिन बातचीत किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सकी।
ईरान ने संघर्षविराम के बाद व्यापारिक गतिविधियों के लिए हॉर्मुज़ मार्ग खोला, लेकिन बाद में अमेरिका के साथ विवाद के चलते प्रतिबंध भी लगाए।
महत्वपूर्ण कूटनीतिक चरण
रूस की यह यात्रा ईरान की कूटनीतिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे क्षेत्रीय राजनीति और भविष्य की वार्ताओं पर असर पड़ने की उम्मीद है।





















