जैसे-जैसे ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, संयुक्त अरब अमीरात अपनी ऊर्जा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाता दिख रहा है।
अबू धाबी, मई 2026 — सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि यूएई अबू धाबी में अपनी तेल भंडारण सुविधाओं के चारों ओर एंटी-ड्रोन अवरोध का निर्माण कर रहा है। ओपन-सोर्स पोस्ट में दिखाई देने वाली इन संरचनाओं में लोहे की छड़ों की जालीदार बाड़ नजर आती है जो एक पेट्रोलियम भंडारण स्थल को घेरे हुए है — यह बनावट काउंटर-यूएवी यानी मानवरहित हवाई वाहन रोधी सुरक्षा ढांचे जैसी दिखती है।
तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
ईरान के निशाने पर क्यों हैं यूएई के तेल प्रतिष्ठान
यूएई का ऊर्जा क्षेत्र केवल व्यावसायिक दृष्टि से नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। पेट्रोलियम और गैस देश की जीडीपी में सीधे तौर पर करीब 30 प्रतिशत का योगदान देते हैं, जबकि हाइड्रोकार्बन निर्यात से 13 प्रतिशत और आता है। इन प्रतिष्ठानों पर किसी भी बड़े हमले से देश को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
ईरान ने अमीरात पर अपनी आक्रामक बयानबाजी तेज कर दी है। तेहरान ने अबू धाबी पर अमेरिका और इजरायल के साथ रक्षा व खुफिया सहयोग बढ़ाने का आरोप लगाया है। खाड़ी में अपनी व्यापक क्षेत्रीय लड़ाई में ईरान ने यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का औचित्य बताते हुए यही तर्क दिया है।
इस क्षेत्र में ईरान के पिछले हमलों में तेल अवसंरचना, पर्यटन क्षेत्र और कम से कम एक परमाणु-संबंधित सुविधा पर हमले शामिल हैं — जो यह साफ करते हैं कि तेहरान की नजर में कोई भी क्षेत्र सुरक्षित नहीं है।
यूएई और इजरायल: बढ़ता सैन्य गठबंधन
एंटी-ड्रोन निर्माण की खबर यूएई-इजरायल सैन्य साझेदारी के गहरे होने की रिपोर्टों के साथ सामने आई है। मिडिल ईस्ट आई ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि दोनों देश एक द्विपक्षीय रक्षा कोष बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस कोष के जरिए उन्नत हथियार प्रणालियों, वायु रक्षा प्लेटफॉर्म और एंटी-ड्रोन तकनीक की संयुक्त रूप से खरीद, वित्त पोषण और विकास किया जाएगा।
इस समझौते में काउंटर-अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम यानी सी-यूएएस के संयुक्त अधिग्रहण का भी प्रावधान है। साथ ही यूएई इजरायली वायु रक्षा प्रणालियों के तकनीकी उन्नयन में भी धन लगा सकता है।
यह समझौता तब अंतिम रूप से तय हुआ जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यूएई का दौरा किया। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस गोपनीय यात्रा की घोषणा की, जिसे अमीरात ने असामान्य तरीके से खारिज कर दिया।
आयरन डोम बैटरियां पहले से तैनात
यह रक्षा कोष दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग का पहला उदाहरण नहीं है। मई की शुरुआत में रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने चुपचाप आयरन डोम वायु रक्षा बैटरियां — जिनमें रडार और मिसाइल लॉन्चर शामिल हैं — के साथ-साथ प्रशिक्षित कर्मियों को भी यूएई भेजा है ताकि वह ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों से खुद को बचा सके।
आयरन डोम प्रणाली को मूलतः कम दूरी के रॉकेट और तोपखाने को रोकने के लिए बनाया गया था, लेकिन इसे अब व्यापक हवाई खतरों से निपटने के लिए भी तैयार किया गया है, जो ईरान की ड्रोन रणनीति के खिलाफ प्रासंगिक है।
यूएई का कूटनीतिक संतुलन
यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार और वरिष्ठ अधिकारी अनवर गरगश ने मार्च में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी — ईरान के हमले विरोधाभासी रूप से उन्हीं इजरायल-अरब सुरक्षा संबंधों को मजबूत कर रहे हैं जिन्हें तेहरान रोकना चाहता है। उनके बयान से साफ है कि यूएई अपनी इजरायल साझेदारी को बोझ नहीं, बल्कि सीधे खतरे का तर्कसंगत जवाब मानता है।
सार्वजनिक रूप से यूएई की स्थिति सतर्क बनी हुई है — उसने नेतन्याहू की यात्रा को तब भी नकारा जब उसके सबूत सामने आ गए। लेकिन एंटी-ड्रोन अवसंरचना का निर्माण और रक्षा समझौते के सामने आए विवरण बताते हैं कि परदे के पीछे अबू धाबी एक लंबे समय तक बने रहने वाले उच्च खतरे के लिए तैयारी कर रहा है।


























