Varanasi airport gun fires रविवार सुबह रूटीन सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान — उत्तर प्रदेश के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक यात्री की लाइसेंसी पिस्टल से गोली चल गई, जिसमें 2 स्क्रीनिंग स्टाफ घायल हो गए। ये घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई।
काउंटर पर क्या हुआ
यात्री की पहचान कमलेश राय के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ के रहने वाले हैं। वो अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1810 पकड़ने आए थे। एविएशन नियमों के तहत, राय ने चेक-इन काउंटर पर पहले ही अपनी लाइसेंसी 7.62mm पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस डिक्लेयर कर दिए थे, इसके बाद उन्हें तय स्क्रीनिंग एरिया में भेजा गया।
CISF जवानों और एयरलाइन स्टाफ की मैंडेटरी जांच के दौरान, पिस्टल से गलती से एक राउंड फायर हो गया। बता दें कि गोली पहले जमीन से टकराई, फिर उछलकर पास खड़े दो स्क्रीनिंग स्टाफ को जा लगी — एक महिला के पैर में चोट आई, जबकि दूसरे पुरुष स्टाफ के अंगूठे में जख्म हुआ।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया, स्टाफ अस्पताल में भर्ती
वाराणसी एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने आधिकारिक बयान में पूरी घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि घायल स्टाफ — रोहित राज और सुमन कुमारी — को तुरंत न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (गोमती जोन) नीतू कड्यान ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 10 बजे फायरिंग की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत फूलपुर पुलिस मौके पर भेजी गई। उन्होंने कन्फर्म किया कि राय की पिस्टल के पास ऑल-इंडिया परमिट था और सिक्योरिटी चेक शुरू होने से पहले उसे सही तरीके से डिक्लेयर किया गया था।
जांच शुरू
घटना के बाद यात्री को हिरासत में ले लिया गया। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने भी जांच शुरू कर दी है कि कंट्रोल्ड वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान हथियार से गोली कैसे चली। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने कन्फर्म किया है कि मामले की जांच की जा रही है, और जांच के नतीजों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
बता दें कि जांच में इस बात पर फोकस रहेगा कि क्या सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर लाइसेंसी हथियार हैंडल करने के स्टैंडर्ड प्रोसीजर, यात्री और स्क्रीनिंग स्टाफ दोनों ने सही तरीके से फॉलो किए थे या नहीं।
भारत में डोमेस्टिक फ्लाइट्स पर हथियार ले जाने के क्या नियम हैं
इस घटना के बाद एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोसेस में लाइसेंसी हथियार हैंडल करने के तरीके पर फिर से ध्यान गया है। भारत के एविएशन सिक्योरिटी नॉर्म्स के तहत, यात्री डोमेस्टिक फ्लाइट्स में लाइसेंसी हथियार ले जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए BCAS और एयरलाइन की सख्त शर्तें माननी होती हैं।
यात्री को सिक्योरिटी से पहले चेक-इन काउंटर पर हथियार डिक्लेयर करना होता है, साथ में वैध आर्म्स लाइसेंस डॉक्यूमेंट भी दिखाने होते हैं। हथियार अनलोडेड होना चाहिए, और अम्युनेशन अलग से, सिर्फ चेक-इन बैगेज में — कैबिन लगेज में बिल्कुल नहीं ले जाया जा सकता। एयरलाइंस आमतौर पर कारतूसों की मात्रा भी सीमित रखती हैं, और हथियार को एक लॉक्ड हार्ड केस में पैक करना होता है, जिसे कार्गो होल्ड में भेजने से पहले CISF वेरिफाई करता है।
रविवार की घटना में जैसा देखा गया, स्क्रीनिंग और वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान हथियार को फिजिकली चेक किया जाता है ताकि ये कन्फर्म हो सके कि वो डिक्लेयर किए गए डॉक्यूमेंट से मैच करता है और सुरक्षित तरीके से अनलोडेड है। ज्यादातर मिसहैंडलिंग की घटनाएं इसी मैनुअल वेरिफिकेशन स्टेज पर होती हैं, बोर्डिंग के दौरान नहीं।
एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि वाराणसी जैसी घटनाओं के बाद आमतौर पर एयरपोर्ट्स स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल की समीक्षा करते हैं, जिसमें हथियार वेरिफिकेशन को लेकर स्टाफ की अतिरिक्त ट्रेनिंग और डिक्लेयर्ड हथियार लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस शामिल होती हैं।
एयरपोर्ट के बारे में
लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसका नाम 2005 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया था, उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है और वाराणसी आने वाले डोमेस्टिक-इंटरनेशनल यात्रियों के लिए एक अहम गेटवे है। ये एयरपोर्ट नियमित रूप से डिक्लेयर्ड हथियार लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को हैंडल करता है, जिसके लिए भारत के लाइसेंसी हथियार ट्रांसपोर्ट नियमों के तहत डॉक्यूमेंटेशन और सुपरवाइज्ड स्क्रीनिंग जरूरी होती है।


























